पहली इंडियन फिल्म बनी ‘मर्द को दर्द नहीं होता

abhimanu dasani

टोरंटो के मिडनाइट मैडनेस कैटेगरी में सेलेक्ट होने वाली पहली इंडियन फिल्म बनी ‘मर्द को दर्द नहीं होता’
-भाग्यश्री के बेटे अभिमन्यु दसानी की फिल्म, 11 सितंबर को डायरेक्टर और हीरोइन संग होंगे टोरंटो रवाना
-वहां से लौटने पर फिल्म की रिलीज डेट अनाउंस करेंगे प्रोड्युसर रॉनी स्क्रूवाला
दुनिया के बेहतरीन फिल्म फेस्टिवलों में अब कमर्शियल फिल्में भी सेलेक्ट होने लगी हैं। ‘मैंने प्यार किया’ फेम भाग्यश्री के बेटे अभिमन्यु दसानी की डेब्यु फिल्म ‘मर्द को दर्द नहीं होता’ का सेलेक्शन टोरंटो इंटरनैशनल फिल्म फेस्टिवल यानी टिफ के मिडनाइट मैडनेस कैटेगरी में हुआ है। उस कैटेगरी में दुनिया भर से महज 15 हॉरर, थ्रिलर और एक्शन जॉनर की फिल्मों को चुना जाता है। अभिमन्यु बताते हैं, ‘हमारी फिल्म उन चुनिंदा 15 फिल्मों में से एक है। उस कैटेगरी में आमतौर पर दुनियाभर की 100 से ज्यादा फिल्में कंपीटिशन में रहती हैं। इस तरह इंडियन फिल्मों की हिस्ट्री में हमारी फिल्म पहली है, जिसे इस कैटेगरी के लिए सेलेक्ट हुई है। यह हमारे लिए गर्व की बात है। टिफ का दर्जा कान फिल्म फेस्टिवल के बाद आता है।’
इस फिल्म का टायटिल ‘मर्द को दर्द नहीं होता’ रखने की खास वजह है। वह यह कि इसके हीरो को एक रेयर बीमारी है। उसके चलते उसे किसी चीज का दर्द नहीं होता। चाहे उस पर चाकू चले या तलवार। टिफ की मिडनाइट मैडनेस कैटेगरी में सेलेक्ट होने में फिल्म की इस थीम ने भी काफी मदद की। साथ ही इसमें मैंने खुद सारे स्टंट किए हैं। बिना किसी बॉडी डबल के। बगैर किसी केबल की सहायता के। वैसा मैं तब कर पाया, जब मैंने मिक्स मार्शल आर्ट से लेकर तायकवांडो और लाठी भांजने की प्रॉपर ट्रेनिंग ली हुई है। इसके स्टंट लॉस एंजिल्स के एिरक जोकोविच ने डिजाइन किए हैं। संयोग से उनकी भी यह पहली फीचर फिल्म है। इससे पहले वे शॉर्ट फिल्में करते रहे हैं। उनमें उनके एक्शन अनूठे रहे हैं।
एक्शन के चक्कर में शूट के दौरान मेरा कंधा डिसलोकेट हो गया था। बाइक और कार से एक्सिडेंट भी हुए। पर एक्शन को मैं एन्ज्वॉय करता हूं। सो मैं घबराया नहीं। अस्पताल से ठीक हो वापस आकर एक्शन करता रहा।

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